नई व्यवस्था से टिकट जांच कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता में वृद्धि
श्रेयश वानखेडे:
मध्य रेलवे के नागपुर मंडल ने आधुनिकीकरण और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए टिकट जांच कर्मचारियों (टीटीई) के लिए बायोमेट्रिक साइन ऑन/ऑफ सिस्टम लागू किया है। यह पहल रेलवे बोर्ड की नीति “Proliferation of Computerized TTE Lobbies” के अंतर्गत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य ड्यूटी प्रमाणीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना और टिकट जांच कार्यों में अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
इस व्यवस्था के तहत अब टीटीई की ड्यूटी की शुरुआत और समाप्ति केवल बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से ही प्रमाणित होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कर्मचारी अपने निर्धारित स्रोत और गंतव्य स्टेशनों पर शारीरिक रूप से उपस्थित हों तथा पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बने। यह सुविधा मंडल के दो प्रमुख डिपो में पहले ही लागू की जा चुकी है। नागपुर डिपो में 6 बायोमेट्रिक मशीनें और बल्लारशाह डिपो में 4 मशीनें स्थापित की गई हैं। इन डिपो के सभी टिकट जांच कर्मचारी अब ड्यूटी साइन ऑन/ऑफ हेतु केवल बायोमेट्रिक प्रणाली का ही उपयोग कर रहे हैं।
नागपुर मंडल ने इस सुविधा को शीघ्र ही मंडल के अन्य सभी डिपो तक विस्तार देने की योजना बनाई है। पूर्ण रूप से लागू होने के बाद मंडल के प्रत्येक टीटीई को केवल बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से ही ड्यूटी साइन ऑन/ऑफ करना अनिवार्य होगा। रेलवे अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह पहल न केवल पारदर्शिता को मजबूत करेगी बल्कि टिकट जांच सेवाओं में जवाबदेही और दक्षता भी बढ़ाएगी।
यह दूरदर्शी कदम नागपुर मंडल की डिजिटल समाधानों को अपनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे कर्मचारियों के प्रबंधन में सुधार होगा, यात्रियों को बेहतर सेवाएँ मिलेंगी और रेलवे संचालन में विश्वास और मजबूत होगा।
ऐसी जानकारी अजय दुबे सदस्य ZRUCC मध्य रेलवे मुंबई ने दि है।