ज्योत्स्ना वानखेडे:
आम आदमी पार्टी ने मध्य रेल के महाप्रबंधक को एक कड़ा पत्र लिखकर बल्लारशाह जंक्शन की बदहाली और यात्रियों के साथ हो रहे अन्याय पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि रेलवे प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करे और यात्रियों के कानूनी अधिकारों का हनन करना बंद करे।
वी.आई. पी. प्लेटफार्मों पर घंटों मालगाड़ियां खड़ी रहने से बुजुर्गों और दिव्यांगों को भारी परेशानी हो रही है। यह रेलवे अधिनियम, 1989 के सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है। बिना किसी तकनीकी कारण के स्टेशन बोर्ड से ‘जंक्शन’ शब्द हटाना स्थानीय अस्मिता के साथ खिलवाड़ है। ‘आप’ ने इसे तत्काल बहाल करने की मांग की है।
चंद्रपुर-गढ़चिरौली के हजारों तेलुगु भाषी नागरिकों की जीवनरेखा ‘रामगिरी ट्रेन’ को बंद रखना जनहित के विरुद्ध है। अमृत भारत योजना के बावजूद प्लेटफॉर्म पर स्तनपान कक्ष और सटीक डिजिटल घड़ियों का अभाव है। भीषण गर्मी (45°C+) को देखते हुए यात्रियों के लिए ‘मिस्ट कूलिंग सिस्टम’ की मांग भी की गई है।
एव स्थानीय नागरिकों के साथ जी.आर.पी द्वारा की गई मारपीट को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए दोषी कर्मियों पर विभागीय जांच की मांग की गई है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आयरन ओर यार्ड से उड़ने वाली धूल Environment Protection Act की धज्जियां उड़ा रही है, जिससे स्थानीय खेती और नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में है। साथ ही, रानी लक्ष्मी बाई वार्ड में ड्रेनेज की विफलता के कारण होने वाला जलभराव रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की लापरवाही का प्रमाण है।
”रेलवे केवल लाभ कमाने का जरिया नहीं, बल्कि सार्वजनिक सेवा का माध्यम है। बल्लारशाह जैसे महत्वपूर्ण जंक्शन पर यात्रियों को उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित रखना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम प्रशासन को सुधरने का मौका दे रहे हैं, अन्यथा लोकतांत्रिक तरीके से ईंट से ईंट बजा दी जाएगी।”