Wednesday, July 29, 2026
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तहसील कार्यालय के कर्मियों की कार्यप्रणाली से जनता त्रस्त

तहसील कार्यालय के कर्मियों की कार्यप्रणाली से जनता त्रस्त

वृध्दों, दिव्यांगों, बेसहारा, विधवा महिलाओं को काटने पड रहे चक्कर

श्रेयश वानखेडे:

बल्लारपुर तहसील की तहसीलदार प्रसूति अवकाश होने से यहां तहसील कार्यालय में कोई किसी की सुध लेनेवाला नहीं है. यहां कर्मी अपनी मनमर्जी से कार्य कर रहे है जिसका खामियाजा आम जनता विशेषकर वृध्दों, दिव्यांगों, बेसहारा, विधवा महिलाओं, छात्रों आदि को उठाना पड रहा है. एक काम के लिए बारंबार चक्कर काटने के लिए विवश किया जाता है.चंद मिनटों के काम के लिए घंटों प्रतीक्षा करने के लिए विवश किया जाता है,अशिष्टता के साथ लोगों के साथ व्यवहार किया जारहा है.  नियमों में बैठने के बाद भी अपनी मर्जी चलाते हुए आवेदकों के आवेदनों को निरस्त कर दिया जाता है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है. ऐसे कितने वृध्द है जिन्हें इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड रहा है.

बल्लारपुर शहर के शिवनगर वार्ड की एक 76 वर्षीय महिला ने श्रावण बाळ योजना के लाभार्थी के लिए सेतू केन्द्र से ऑनलाईन आवेदन किया था. सभी आवश्यक कागजात जोडकर आवेदन करने के बाद भी तहसील कार्यालय के इन्कम प्रमाणपत्र देनेवाले कर्मी ने उसके आवेदन पर रिमार्क दिया कि पुत्र की आयु 25 वर्ष से अधिक है. जबकि महाराष्ट्र शासन के जी.आर में स्पष्ट उल्लेख है कि श्रावण बाळ योजना के लिए पुत्र की आयु की शर्त रद्द कर दी गई है. हाल ही में इससे पूर्व कई ऐसे आवेदक थे जिनके पुत्र की आयु 25 वर्ष से अधिक थी उन्हें संबंधित कर्मी ने इन्कम प्रमाणपत्र इश्यू किया है. वृध्द महिला के पुत्र  ने जब तहसील कार्यालय के संबंधित कर्मी से आवेदन के संदर्भ में पूछा तो संबंधित कर्मी का कहना था कि उसके पास सेतू से आवेदन नहीं आया है जबकि सेतू केन्द्र में आवेदन निरस्त किए जाने का कारण पुत्र की आयु 25 वर्ष होने का संबंधित कर्मी के रिमार्क का प्रमाण मौजूद है. इस तरह बिना किसी वजह से आम नागरिकों को हताश, परेशान करने का काम प्रमाणपत्रों को बनाने के समय किया जा रहा है.

संबंधित कर्मी को इन्कम प्रमाणपत्र सहित आवश्यक प्रमाणपत्र वैरीफाई करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौपी गई. कई लोगों की शिकायतें है वे आवेदकों से अशिष्टता से पेश आते है, आवेदकों को खरी खोटी सुनाकर वापस लौटा देते है. कई वृध्द, दिव्यांग, विधवा, बेसहारा लोग इस कर्मी के व्यवहार के कारण काफी त्रस्त हो चुके है. आम नागरिक प्रशासनिक कर्मी से सौजन्यपूर्ण व्यवहार और शिष्टता की अपेक्षा करती है. जबकि यहां तहसील कार्यालय के संबंधित कर्मी के व्यवहार की वजह से लोगों को मानसिक प्रताडना, शारीरिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड रहा है. उच्च अधिकारियों से संबंधित कर्मी की शिकायतें की गई परंतु अब किसी ने ध्यान नहीं दिया है.

Raju Kisanrao Wankhede
Editor
+91 9420868738+91 9420868738rajuwankhede15@gmail.com
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