सम्माक्का सारलम्मा देवी के आस्था के नाम पर भक्तों की लूट
धार्मिक जत्रा में श्रध्दालुओं की आर्थिक लूट
आयोजन समिति में एक ही परिवार का कब्जा
स्टॉल से लेकर कूपन वितरण में धांधली, धर्मादाय आयुक्त से हुई शिकायत
चंद्रपुर धर्म कर्म के मामलों में लोग बढचढकर हिस्सा लेते है और अपनी जेब से पैसा खर्च कर आयोजन को सफल बनाने का प्रयास करते है. क्योकि लोगों में अपने ईष्ट के प्रति अटूट आस्था होती है. रामनवमी जत्रा में रामभक्त हनुमान का किरदार निभाने के लिए बल्लारपुर शहर में प्रसिध्द एक व्यक्ति धर्म की आड में लोगों को लूट रहा है. उसकी काली करतूतों का काला चिठ्ठा सामने आया है. यहां बल्लारपुर में आस्था के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है. प्रतिवर्ष आयोजित होनेवाली देवी श्री सम्मक्का सारलम्मा की जत्रा के आयोजन समिति में एक ही परिवार ने कब्जा जमा रखा और श्रध्दालुओं से दर्शन कराने के लिए कूपन देकर धन उगाही की जाती है. स्टॉल लगानेवालों से लाखों रुपए एैंठा जाता है. इस मामले में धर्मादाय आयुक्त तक शिकायत पहुंची है उल्लेखनीय है कि श्री. सम्मक्का सारलम्मा देवी जत्रा कमेटी बल्लारपुर की ओर से हर 2 साल में एक बार वर्धा नदी राजुरा घाट पर जत्रा का आयोजन किया जाता है. जिसमें हजारों की संख्या में लोग आकर श्री. समक्का सरलम्मा के दर्शन करते है यह जत्रा तीन-चार दिन तक चलती है. यहाँ आने वाले श्रध्दालु रात में वही रूकते है, भोजन बनाते है, निवास करते है, जिसकी वजह से यहाँ हर तरह की दुकानें भी सजती है. पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि, जत्रा में आने वाले व्यवसायी तथा श्रध्दालुओं की कमेटी के अध्यक्ष जयराज रामय्या कंडे व्दारा लूट की जा रही है. आयोजन स्थल पर स्टॉल लगाने वाले छोटे बडे सभी व्यवसायीयों से मोटी राशी वसुल की जाती है, चिकन वालों से तो एक स्टॉल के लिए 50 हजार लिया जाता है, इतना ही नही पिछले साल दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 50/-रूपये दर्शन टिकट वसुला किया गया. हजारो श्रध्दालुओं ने टिकट लेकर माता के दर्शन किए. बहुत से गरीब लोग टिकट की वजह से दर्शन से वंचित रहे यह बहुत ही निंदनीय बात है.
श्री. समक्का सारलम्मा माता के दर्शन के लिए कहीं भी टिकट नही लगती, लेकिन बल्लारपुर की कमेटी हर साल दर्शन टिकट वसुल करती है. जिसका कोई हिसाब नही होता. स्टॉलवाले, तथा वहाँ पंडाल में रूकनेवालों से भी लाखों रूपये वसुल किये जाते है, सांसद, विधायक, नेता, व्यापारी, अधिकारीयों से डोनेशन लिया जाता है, किंतु धर्मदाय आयुक्त कार्यालय में सही हिसाब नही दिया जाता. 2022 का ऑडीट नही कराया गया। पिछली बार आयोजन स्थल से दान-पेटी चोरी होने की अफवाह उडाई गई थी. संस्था में अध्यक्ष जयराज कंडे के अलावा उसकी दो पत्नियों तथा ज्यादातर उसके रिश्तेदार ही आयोजन का जिम्मा संभालते है. जत्रा आयोजन में पैसो का सारा व्यवहार अध्यक्ष का परिवार ही करता है. सरकार को टॅक्स नही दिया जाता. सब कुछ गोलमाल चल रहा है। कंडे परिवार के साथ बल्लारपुर (महाराष्ट्र) में रहने के बावजुद तेलंगाना सरकार को गुमराह कर अपनी पत्नी सुनिता कंडे के नाम से तेलंगाना सरकार के दलित बंधु योजना के तहत बोलेरो पिकप वाहन लिया है. उसका सारा व्यवहार संदिध्द है. संस्था के पुरे व्यवहार तथा कंडे के संपत्ति की जाँच कर उचित कार्यवाही की मांग उठ रही है. इस मामले में सुभाष वार्ड बल्लारपुर निवासी लक्ष्मण लिंगय्या कनकुटला ने धर्मदाय आयुक्त कार्यालय में निवेदन सौपकर समक्का सारलम्मा जत्रा कमेटी के अध्यक्ष जयराज रामय्या कंडे के खिलाफ शिकायत करते हुए वर्ष 2002 से 2006 तक की गई अवैध वसूली और 2021 से 2022 तक ऑडिट की जांच करने की मांग की है. एक साल के कार्यक्रम से करीब बीस से पच्चीस लाख की अवैध रूप से धन उगाही होती है जिसका कोई भी लेखा जोखा नहीं होने से नागरिकों ने आरोप लगाते हुए जांच की मांग उठ की है ।