Jyotsna Wankhede: अभी कुछ दिन पहले बल्लारपुर कारवां के घने जंगलों में रात के अंधेरे में एक वृद्ध व्यक्ति बेहोशी के हालात में सड़क किनारे गिरा मिलने पर दिव्यांग नेता आसीफ हुसेन शेख ने तत्काल उसे पानी वगैर पिलाकर उन्हें होश में लाए और अपने सहयोगी नदीम भाई इनका ऑटो बुलाकर उस व्यक्ति को बल्लारपुर थाने में पहचान हेतु लेकर गए.
काफी दिनों से बाहर रहने से वृद्ध की हालात बहुत ही ज्यादा खराब थी कपड़े पूरी तरह से गंदे थे शरीर से बदबू आ रही थी. बल्लारपुर पुलिस के समक्ष उस व्यक्ति की तलाश ली गई तो उनके पास एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, कुछ कागज के टुकड़े और चंद रुपए दिखाई दिए जितने भी उनके पास संपर्क क्रमांक थे वे ज्यादा तर बंद ही थे और कुछ नंबर पर संपर्क होने पर भी वे सहयोग नहीं दर्शा रहे थे.
असल में वो व्यक्ति का एक आई कार्ड देखने पर पूरी तरह से ज्ञात हुआ कि वो व्यक्ति नेपाल से है और उनकी शारीरिक अवस्था एक पैर नहीं होने से शायद उनकी और परिवार अनदेखा कर रहा हो और वे भीख मांगते,मांगते यहां पहुंच गए होंगे. ऐसा हमे अनुभव हुआ क्योंकि वो वृद्ध इंसान ज्यादातर इशारों में ही बात कर रहे थे हिंदी में बहुत ही कम शब्द उनकी तरफ से समज आ रहे थे.
फिर भी उनकी सारी सहायता करने की कोशिश कर जंगल में जंगली जानवरों के प्रकोप से बचाकर उस वृद्ध व्यक्ति को आसीफ हुसेन शेख, सलमान शेख, विवेक,नदीम भाई,राजू,शहजाद भाई,मुस्ताक भाई इन सभी के सहयोग से उन्हें नहला धुलाकर,नए कपड़े पहनाकर,खाने की व्यवस्था करके ट्रेन की टिकट निकालकर नेपाल के बॉर्डर वाले शहर गोरखपुर पहुंचाने का कार्य किया गया ताकि वो वृद्ध व्यक्ति आसानी से वे अपने शहर अपने देश लौट सके.