*ब्लैकमेलिंग के पैसों के लिए दोस्त की निर्मम हत्या? ‘समलैंगिक संबंध’ के दावे को परिजनों ने किया खारिज*
*ज्योत्स्ना वानखेडे*:
गडचिरोली जिले में सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के बाद सामने आए सतीश निषाद हत्याकांड को लेकर कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित ‘समलैंगिक विवाह से इनकार के कारण हत्या’ की कहानी को मृतक के परिजनों ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। परिजनों का दावा है कि यह मामला समलैंगिक संबंधों का नहीं, बल्कि ब्लैकमेलिंग और आर्थिक वसूली का है। बल्लारपुर में आयोजित पत्रकार परिषद में मृतक के भाई सरोज निषाद, छोटा भाई पवन बाथो तथा चचेरे भाई ब्रजकुमार निषाद ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की गहन जांच की मांग की।
परिजनों के अनुसार, आरोपी ने इंस्टाग्राम पर एक युवती के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर सतीश निषाद से संपर्क स्थापित किया था। आरोपी कथित रूप से लड़की की तरह आवाज निकालकर फोन पर बातचीत करता था, जिससे मृतक को धोखाधड़ी का आभास नहीं हुआ। इसी फर्जी पहचान के जरिए आरोपी ने मृतक से नजदीकियां बढ़ाईं और बाद में बदनामी का डर दिखाकर उससे 16 लाख 59 हजार 414 रुपए वसूल किए। लगातार मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक शोषण से परेशान होकर सतीश ने आरोपी का फोन नंबर ब्लॉक कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने मृतक के मित्रों और परिजनों से संपर्क कर उन्हें भी परेशान करना शुरू कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि सतीश की तलाश में आरोपी सूरज हलदर सीधे आलापल्ली-नागेपल्ली क्षेत्र तक पहुंच गया था। घटना से एक दिन पहले मृतक और आरोपी की मुलाकात हुई थी। उस दौरान सतीश ने आरोपी को दोबारा ब्लैकमेल न करने और परेशान न करने की चेतावनी दी थी। आरोपी ने उस समय अपने कृत्य के लिए माफी मांगकर समझौते का दिखावा किया। रात में वाहन साधन नहीं मिलने की दुहाई देते हुए रात भर रुकने का अनुरोध करने पर सतीश ने आरोपी सूरज को खाना खिलाकर अपने घर में नहीं सुलाते हुए कार में सोने की व्यवस्था की लेकिन अगले ही दिन उसने अपने गांव जाने का बहाना बनाकर सतीश की ब़ेजा कार में बैठकर और जंगल के एक सुनसान इलाके में कार चलाते सतीश की गर्दन में चाकू से कई वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी, ऐसा आरोप परिजनों ने लगाया है।
पत्रकार परिषद में मृतक के परिजनों ने आरोपी के साथ हुई मोबाइल चैट, बैंक लेन-देन के दस्तावेज, धन हस्तांतरण से जुड़े ट्रांजेक्शन आईडी तथा अन्य तकनीकी साक्ष्य भी मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इन सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच करने की मांग की। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त तथ्यात्मक जांच के कुछ मीडिया संस्थानों ने मामले को ‘समलैंगिक संबंधों’ से जोड़कर प्रस्तुत किया, जिससे उनके परिवार की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी बड़े ब्लैकमेलिंग रैकेट के सक्रिय होने की भी आशंका है। मृतक के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा आरोपी को फांसी या उम्र कैद की सजा दिए जाने की मांग की है।