श्रेयश वानखेडे:
बल्लारपुर क्षेत्र अंतर्गत आनेवाली गोवरी खदान से कोयला भरकर जानेवाले ट्रकों में ओवर लोड कोयला कांटा बाबू की मिलीभगत से निकालने की जानकारी सामने आ रही है, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस कार्य में स्थानीय रोडसेल एजेंट वा कांटाबाबू की सांठगांठ से करीब एक ट्रक में सात से दस टन कोयला ओवरलोड किसी विशेष ट्रांसपोर्टर के ट्रकों में जा रहा हैं। गोवरी कांटे में हेर फेर कर ट्रक निकालने का गोरखधंधा चल रहा है। साथ में भरनेवाली गाड़ी जब चंद्रपुर के कांटे पर ओरिजनल कांटा होता देखते है तो दांतो तले उंगलियां दबा लेते है सच्चाई आखिर सच्चाई होती है इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं है या जानना नहीं चाहते ? यह तो जांच का विषय बना हुआ है, अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मुकदर्शक बने हुए है ।
उसी प्रकार यहां से दस एमएम कोयला के डीओ पर रोडसेल एजेंट सौ परसेंट बड़ा मॉल (कोयला) लेकर जा रहे है वनी के प्लॉट में बड़ा कोयला खाली करने से कोयला व्यापारी मालामाल हो रहे है जबकि इनका डीओ कचरा मॉल भरने का होता है। जिसका दाम महज दो हजार रुपए प्रति टन होता है पर कचरा मॉल के नाम पर चुन चुन कर कोयला भरा जा रहा है। जिसे खुले मार्केट में छ: से आठ हजार रूपए प्रति टन वसूल किया जा रहा है। अन्य खदानों से कोयला भरे ट्रक रात में निकालने की घटना बदस्तूर जारी है यह काम साखरी खदान से शुरू होने की आ रही जानकारी आवश्यकता है इस विषय की गहराई तक विजिलेंस टीम पहुंचकर सच्चाई उजागर करे, इस कार्य की तह तक पहुंचना विजिलेंस टीम के लिए भी टेढ़ी खीर होंगा ।