*जळगाव मे शिक्षण संस्थाचालकों के कारनामों के 13 हजार पन्नों के सबूत पुलिस के हाथ लगे*
*शालार्थ आयडी घोटाला*
*गरूड के गिरफ्तार होने के बाद जिले के 10 संस्थाचालकों सहित अधिकारी भूमिगत*
*ज्योत्स्ना वानखेडे*:
शालार्थ आयडी घोटाले में तत्कालीन शिक्षा अधिकारी शशिकांत हिंगोणेकर की गिरफ्तारी के बाद अब शिक्षा संस्था के चेयरमैन संजय गरूड की पुलिस ने गिरफ्तारी की है। इसके बाद जिले के 10 शिक्षा संस्थाओं में हड़कंप मच गया है।
*मामला क्या है?*
1. *13 हजार पन्नों के सबूत मिले:* नासिक पुलिस की कार्रवाई में शालार्थ आईडी घोटाले से जुड़े *13 हजार पन्नों के दस्तावेज* हाथ लगे हैं। ये कागजात जळगाव शिक्षा विभाग से मिले हैं।
2. *पैसे की वसूली का तरीका:* संजय गरूड की संस्था में सचिव पद पर उनके एक रिश्तेदार कर्मचारी को रखा गया था। उसी के पास *पैसे वसूलने और प्रस्ताव मंजूर कराने की जिम्मेदारी* थी। इसी वजह से वह संजय गरूड का तथाकथित सचिव बन गया था।
3. *अपनी ही संस्था में नौकरी:* जांच में सामने आया कि दो साल पहले संजय गरूड ने खुद अपने रिश्तेदार के बच्चों को अपनी ही संस्था में नौकरी पर लगवाया था। नकली शालार्थ आईडी बनाकर वेतन निकाला गया। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।
*नासिक पुलिस की जळगाव में विशेष कार्रवाई*
शालार्थ आईडी का फर्जी बोगस बनाकर शासन से वेतन और सुविधाओं की फर्जी मांग की गई। इसकी जांच के लिए मूल दस्तावेज जळगाव जिले से नासिक ले जाए गए हैं। नासिक पुलिस ने संपूर्ण प्रकरण की जांच करके आगे की कार्रवाई शुरू की है।
तलाशी में *13 हजार पन्नों के ठोस सबूत* भी जब्त किए गए हैं। न्यायालय में मजबूत पक्ष रखने के लिए सभी महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए हैं।
*लड़ाई के लिए फंड जमा करने का आरोप*
बोगस शालार्थ आईडी और फर्जी नियुक्तियों के बाद मिले अंतर वेतन में से शिक्षकों से बड़ी रकम संस्था को दी गई। इसका खुलासा पुलिस की पूछताछ में हुआ। शिक्षकों की नौकरी जाने के डर से उनसे एजेंट के जरिए कुछ रकम वसूल कर कोर्ट में लड़ाई के नाम पर फंड जमा कराया गया था।
*गिरफ्तारी शुरू होते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप*
संजय गरूड की गिरफ्तारी से पहले ही इस घोटाले में शामिल कई संबंधित अधिकारी-कर्मचारी ताव में आ गए थे। जळगाव में कई अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ शिकायतें हैं। इस प्रकरण में शिक्षा विभाग के कई अधिकारी भी शामिल हैं। गिरफ्तारी के डर से अब कई लोगों ने वकीलों से सलाह-मशवरा शुरू कर दिया है।
*शिक्षकों में डर का माहौल*
विगत दिनो सुप्रीम कोर्ट/उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द करने का आदेश हुआ था। महाराष्ट्र में शालार्थ आईडी घोटाले की वजह से कुछ नियुक्तियां रद्द हो सकती हैं।
इसलिए अब प्रशासन वेतन में फर्क चुकाकर मामला निपटाने की कोशिश में है। इस वजह से शिक्षकों में डर का माहौल है।