बल्लारपुर में अतिक्रमण पर चला ‘चाबुक’, लेकिन रसूखदारों पर खामोशी क्यों?
Jyotsna Wankhede:
बल्लारपुर में एक तरफ नगर परिषद अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाकर सख्ती का संदेश दे रही है, तो वहीं दूसरी ओर कुछ रसूखदारों के अवैध निर्माण पर उसकी नजर तक नहीं पहुंच पा रही-या यूं कहें कि जानबूझकर नजरें फेर ली गई हैं। कारवां जंगल जाने वाले प्रमुख मार्ग पर एस. के. सेलिब्रेशन हॉल नामक खड़ी हो रही एक बहुमंजिला इमारत इस दोहरे रवैये की जीती-जागती मिसाल बन गई है। यह वही रास्ता है जो पेपर मिल बांबू थप्पी तक जाने का एकमात्र मार्ग था, लेकिन अब इस पर अवैध कब्जा कर इमारत खड़ी कर दी गई है। हालत यह है कि सड़क पूरी तरह गायब हो चुकी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस निर्माण के खिलाफ कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन नगर परिषद का अतिक्रमण दस्ता अब तक यहां पहुंचा ही नहीं।
सवाल उठता है कि क्या प्रशासन की मूक सहमति से यह पूरा खेल चल रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि तत्कालीन मुख्य अधिकारी विपिन मुद्दा ने इसी इमारत पर कार्रवाई करते हुए इसके कॉलम तक उखाड़ फेंके थे और अवैध निर्माण पर लगाम लगाने की कोशिश की थी। लेकिन अब वही इमारत फिर से खड़ी होकर चौथे माले की तैयारी में जुटी है। इतना ही नहीं, फॉरेस्ट की दीवार को सहारा बनाकर निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। यह सड़क कब्रिस्तान तक जाने का रास्ता भी है, जो आज भी रिकॉर्ड में मौजूद है, लेकिन जमीनी हकीकत में इमारत ने उसे पूरी तरह निगल लिया है।
आम नागरिकों में इसको लेकर भारी आक्रोश है और वे इसे प्रशासन की मिलीभगत मान रहे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर परिषद सिर्फ कमजोरों पर ही कार्रवाई करेगी? क्या इस चार मंजिला अवैध इमारत पर भी बुलडोजर चलेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? शहरवासियों की मांग है कि नगर परिषद के मुख्याधिकारी और अतिक्रमण दस्ता तत्काल मौके पर पहुंचकर इस अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई करें और सड़क को पुनः मुक्त कराएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।