पुलिस को हमारा परिवार पूरी तरह से सहयोग करने के बावजूद 14 जुलाई को मुझे डी बी रूम से बुलाकर थानेदार आसिफराजा शेख ने डंडे से मारकर मुझे गंभीर रूप से घायल कर मेरा एक हांथ तोड़ दिया है दूसरे हांथ में भी चोट लगी है रात में छोड़े जाने के बाद सरकारी दवाखाने में जाकर इलाज करवाने पर मुझे चंद्रपुर के जिला अस्पताल में रेफर किया गया वहां जाने पर कच्चा प्लास्टर बांधकर मुझे रात के करीब दो बजे बल्लारशाह भेजा गया, 15 जुलाई को पुनः सुबह थाने जाने पर पूंछ तांछ के दौरान चक्कर आकर गिरने के बाद पुलिस वाले मेरा इलाज करवाएं है अंतः जिला पुलिस अधीक्षक तथा संबधित प्रशासन से थानेदार आशिफ राजा शेख पर कार्यवाही करने की मांग संतोष रामसरन गुप्ता ने आयोजित पत्रकार परिषद में की है। इस समय संतोष गुप्ता के साथ उनकी पत्नी गीता गुप्ता, अधिवक्ता मेघा भाले, मनीष सेठी आदि उपस्थित रहे। इस आरोप की सत्यता जानने के लिए बल्लारपुर पुलिस निरीक्षक आशिफराजा शेख से प्रत्यक्ष मिलकर जानकारी लेने के दौरान थानेदार ने इस घटना से इंकार किया है की हमारी तफ्तीश जारी है किंतु किसी के साथ मारपीट नही हुई है यह सारे आरोप बेबुनियाद है हमे केश से गुमराह किया जा रहा है लेकिन बहुत जल्द हम आरोपी सूरज गुप्ता को गिरफ्तार कर हवालात में डालेंगे ।