पर्यावरण वाहिनी द्वारा “स्वच्छ जंगल अभियान” कार्यक्रम संपन्न
श्रेयश वानखेडे:
जागतिक पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में पर्यावरण वाहिनी द्वारा एपीजे कलाम गार्डन से लेकर सन्मित्र सैनिक विद्यालय के बीच में फैले प्लास्टिक के कचरे को एक जगह जमा किया गया. आज कल पर्यावरण की समस्या ने विक्राल रुप धारण कर लिया है. ग्लोबल वॉर्मिग की वजह से भी पृथ्वी का तापमान लगातार बढ रहा है. उसी तरह बडे पैमाने पर जंगल की कटाई भी हो रही है. जंगल कम होने से जंगल के जानवर शहरो मे आ रहे है. जिससे मानव वन्यजीव संघर्ष की एक नई समस्या निर्माण हो गई है. साथी शहर के लोग पिकनिक मनाने जंगल मे जाने का चलन आज कल बहुत बढ गया है. लोग वहा पार्टी मनाते है और खाना खाने के बाद कचरा वही डाल देते हैं, जिसको जंगल के जानवर खा जाते है और फिर बीमार हो जाते है और कभी कभी तो मर भी जाते है. कुछ लोग अपने घर के प्रोग्राम में बचा हुआ खाना एपीजे कलाम गार्डन से सन्मित्र स्कूल के बीच में लाकर डाल देते है, उसी तरह कुछ मरे हुए जानवर भी प्लास्टिक के पन्नी मे डाल देते है. इतना ही नही तो एक जगा तो दवाखाने का वेस्टेज मटेरियल जिसमे इंजेक्शन और सिरींज भी थे फेक दिया गया था. बुरी बात है की ये प्लास्टिक कचरा ना सिर्फ जंगली जानवर , पक्षियों की जान ले रहा है बल की जंगल को भी विद्रूप कर दे रहा है. जिस तरह हम हमारा घर और परिसर स्वच्छ रखते है उसी तरह हमारी जिम्मेदारी है की जंगल भी साफसूथरा, स्वच्छ रखे ये हम सबका कर्तव्य है अतः जंगल को विद्रूप ना करते हुए उसे साफ सूतरा रखे ऐसा आवाहन पर्यावरण वाहिनी के अध्यक्ष मोहम्मद शरीफ ने किया. इस अवसर पर मातोश्री वृद्धाश्रम मे वृक्षारोपण किया गया. इस अवसर पर विनायकराव साळवे, मनोहर माडेकर, अनिल वाग्दरकर, विवेक खुठेमाटे , अमोल काकडे, कार्तिक वऱ्हाटे, आदित्य प्रकाश नरसिंगगोज, वाजिद खान, मनोज वानखेडे, भास्कर फरकाडे, अश्रफ खान, राजू मारपल्लीवार, सचिन उंबरे, वैभव जोशी, आश्विनी मेश्राम, सपना रेवेली, कपिल पेरके, कौरासे गुरुजी आदी उपस्थित थे.