जनता हायस्कूल तथा कनिष्ठ महाविद्यालय गोंडपिंपरी शाला मे कार्यरत कलाशिक्षक श्री. अनराज जी. टिपले इन्हे पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ वृंदावन धाम मथुरा ,(उत्तर प्रदेश) ने आगामी 22 डिसेंबर 2024 को इंदोर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय हिंदी संगोष्टी एवं सन्मान समारोह मे विद्यापीठ के प्रबंध कार्यकारणी द्वारा शिक्षा, योग्यता, अनुभव को देखते हुए साहित्य सृजन एवं कला तथा समाजसेवा के क्षेत्र में विशेष उपलब्धी हासिल करणे पर अतुलनीय योगदान हेतू विद्यावाचस्पती सारस्वत सन्मान (पी. एच. डी. ) से सम्मानित करने का निर्णय लिया है.
श्री. अनराज जी. टिपले इन्होने अभी तक 15 किताबे लीखकर उन्हे प्रकाशित किये है. उनमे तीन समोहन शास्त्र के विषय में है और बाकी सब सामाजिक, धार्मिक क्षेत्र के बारे मे लिखे हुए है ईन्होने कलाक्षेत्र मे बहुत सारा योगदान दिया है. वह जनता चित्रकला महाविद्यालय चंद्रपूर मे प्रथम प्राचार्य पदपर विराजमान थे. इन्होने अभी तक तीन हजार के उपर चित्रनिर्मित किये है तथा इन्होने एकल चित्रकला प्रदर्शनी भी आयोजित की है. साथ साथ वह एक मानसोपचार तज्ञ तथा संमोहनतज्ञ भी है अभी तक इन्होने बहुत सारे मानसिक समस्या से ग्रस्त व्यक्तीयों का संमोहन द्वारा इलाज किये है तथा 2000 के ऊपर संमोहन स्टेज प्रोग्राम लिये है इन्होने समाज मे अंधश्रद्धा रूढी परंपरा के उपर भी व्याख्यान दिये है, इनके दैनिक न्युज पेपर मे लेख, कविता, कार्टून चित्र, प्रकाशित हुए है, बहोतसे किताबो के मुखपृष्ठ बनाये है ईन सब अतूलनीय कार्य की योग्यता एवं अनुभव को देखते हुवे पंडित दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ वृंदावन धाम मथुरा, ( उत्तर प्रदेश ) की ओर से श्री. अनराज जी. टिपले को विद्यावाचस्पती सारस्वत सन्मान (पी. एच. डी.) सन्मानित करने का निर्णय लिया है.
इस सन्मान का श्रेय चांदा शिक्षण प्रसारक मंडळ चंद्रपूर के संचालक श्री. डॉ. अशोकभाऊ जीवतोडे, मार्गदर्शक श्री. शिवाजी शिंदे सर (परभनी) श्री. राजू वानखेडे सर ज. वि. बल्लारपूर, माजी प्राचार्य श्री. बंडू दुर्गे सर ज. वि. गोंडपीपरी, प्राचार्य श्री. व्ही. टी .कोकाटे सर ज. वि. गोंडपीपरी तथा संपूर्ण शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी, कुमारी कल्पना मनोहर सूर्यवंशी सहाय्यक प्रशासकीय अधिकारी प्राथमिक विभाग जिल्हा परिषद चंद्रपूर, पालक वर्ग तथा छात्र को दिया है.